झारखंड में राम नवमी 2026झारखंड के आयोजन को लेकर पूरा प्रदेश तैयारियां पूरी कर चुका है। रंजी और जमशेदपुर सहित कई जिलों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लगानी है। विशेष बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिससे प्रक्रियाओं के दौरान बिजली की आपूर्ति को नियंत्रित किया जा सके।
तापोवन मंदिर में तैयारियां और श्रद्धालुओं का आगमन
रंजी में मुख्य आयोजन तापोवन मंदिर परिसर में हो रहा है, जहाँ लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ का अनुमान है। मंदिर के अध्यक्ष सुशील दुबे ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए हार्मू नदी पर पुल की मरम्मत और परिसर की सफाई का काम चल रहा है। "सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालु महावीर ध्वज लेकर पहुंचने लगते हैं," उन्होंने कहा। यह भीड़ इतनी बड़ी होगी कि पूरा परिसर भर जाएगा।
यहाँ तैयारियों का एक पहलू यह भी है कि 200 से अधिक अखाड़ों ने इस बार भाग लेने की पुष्टि की है। श्री महावीर मंडल रंजी महानगर के जनरल सचिव मुंचुन राय का कहना है कि सभी अखाड़ों को साफरन कपड़े और हथियार उपलब्ध कराए गए हैं। रविवार (23 मार्च 2026) को आयोजित बैठक में तय हुआ कि अष्टमी (शुक्रवार) को झांकी प्रदर्शन और नवमी (शनिवार) को झंडा पूजा होगी।
जमशेदपुर और हजारीबाग में शोभा यात्रा
जमशेदपुर में सेंट्रल राम नवमी अखाड़ा समिति ने 175 अखाड़ों के सहभागिता की पुष्टि की है। समिति के अध्यक्ष अशुतोष सिंह ने 23 मार्च को सक्ची में उत्कल एसोसिएशन हॉल में आयोजित बैठक में कहा कि पारंपरिक संस्कारों के साथ शोभा यात्राएं निकलेंगी।
हजारीबाग में तो बात कुछ और ही है। यहाँ अर्ष कन्या गुरुकुल की युवतियां घोड़ों और रथों पर तलवारबाजी और लाठियों के प्रदर्शन करेंगी, जो एक अनूठा नज़ारा होगा। कई अखाड़ों ने पंचायती क्षेत्रों में सफाई और नदी किनारे की सफाई की मांग की है। पार्षद नीरज सिंह ने मांग की है कि प्रक्रियाओं में नशा मुहताज न रहें और केवल अनुशासित लोग ध्वज की रस्सी संभालें।
यातायात और सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था
रंजी में यातायात के नियम कड़े होंगे। रकेश सिंह, ट्राफिक एसपी ने बताया कि गुरुवार शाम 4 बजे से शुक्रवार सुबह 6 बजे तक भारी वाहनों की प्रवेश मना होगा। किशोरी यादव चौक और माहावीर मंदिर चौक से ऊपर बाज़ार जाने वाले रास्तों पर आटो और बसों को भी प्रतिबंधित किया जाएगा।
सुरक्षा के लिए 200 मजिस्ट्रेट और 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। झारखंड पुलिस ने सीसीटीवी और ड्रोन का इस्तेमाल भी किया है। शहर के मुख्य रास्तों पर राम और हनुमान के चित्र वाले केसरिया झंडे लगे हैं, जहाँ हनुमान चालीसा और रामचरितमानस की पाठ हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट से आई है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने झारखंड सरकार को अनुमति दी है कि वह प्रक्रियाओं के दौरान बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद कर सके। यह फैसला 2000 में हुए एक दुर्घटना के बाद लिया गया, जहाँ 28 लोग बिजली के तारों से संपर्क में आकर मारे गए थे।
हालाँकि, झारखंड हाई कोर्ट ने पहले इस पर रोक लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे सुरक्षा के हित में बदल दिया है। राज्य सरकार ने कहा कि यह कटौती पहले से निर्धारित होगी और जनता को सूचित किया जाएगा। यह फैसला दर्शाता है कि श्रद्धा के साथ-साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राम नवमी प्रक्रियाओं के दौरान ट्रैफिक कब बंद रहेगा?
रंजी में गुरुवार शाम 4 बजे से शुक्रवार सुबह 6 बजे तक भारी वाहनों को मना किया गया है। शुक्रवार दोपहर 1 बजे से शोभा यात्रा समाप्त होने तक मुख्य रास्तों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने बिजली कटौती को लेकर क्या फैसला सुनाया?
सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया मार्गों पर बिजली बंद करने की अनुमति दी है। यह 2000 के दुर्घटना के बाद सुरक्षा उपाय के तहत किया जा रहा है।
कितने अखाड़े इस बार शोभा यात्रा में शामिल होंगे?
रंजी में 200 से अधिक और जमशेदपुर में 175 अखाड़े शामिल होंगे। इनमें 163 लाइसेंसित और 12 नॉन-लाइसेंसित समितियां शामिल हैं।
तापोवन मंदिर में भीड़ को संभालने के लिए क्या किया जा रहा है?
मंदिर प्रशासन ने हार्मू नदी पर पुल की मरम्मत और परिसर की सफाई की है। सुरक्षा के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
Shraddhaa Dwivedi
मार्च 27, 2026 AT 11:01झारखंड में इस बार राम नवमी का आयोजन बहुत बड़े पैमाने पर हो रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने काफी सोच समझकर योजना बनाई है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिजली आपूर्ति के मामले में बहुत जरूरी है। पुरानी दुर्घटनाओं से सबक लेकर ही यह कदम उठाया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालना आसान काम नहीं होता। तापोवन मंदिर में सफाई का काम पहले से ही शुरू हो चुका है। हार्मू नदी पर पुल की मरम्मत से भीड़ प्रवाह में सुधार होगा। अखाड़ों की संख्या में इस बार काफी वृद्धि देखी गई है। रंजी और जमशेदपुर दोनों जगहों पर तैयारियां मजबूत हैं। यातायात के नियमों का पालन सभी वाहन चालकों को करना होगा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल भी शामिल है। शोभा यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। स्थानीय प्रशासन ने भी अपनी भूमिका निभाने का वादा किया है। हमें भी अपनी तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करनी चाहिए। इस तरह की धार्मिक घटनाएं समाज को एकजुट करती हैं। उम्मीद है कि इस बार कोई दुर्घटना नहीं होगी।
Govind Vishwakarma
मार्च 29, 2026 AT 09:49पुलिस वही कहती है हर साल कुछ नहीं बदलता
Jamal Baksh
मार्च 31, 2026 AT 07:30सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सुरक्षा के हित में बहुत सकारात्मक कदम है। हमें सभी को इस निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
Shankar Kathir
अप्रैल 1, 2026 AT 13:31झारखंड में इस बार राम नवमी का आयोजन बहुत बड़े पैमाने पर हो रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने काफी सोच समझकर योजना बनाई है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिजली आपूर्ति के मामले में बहुत जरूरी है। पुरानी दुर्घटनाओं से सबक लेकर ही यह कदम उठाया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालना आसान काम नहीं होता। तापोवन मंदिर में सफाई का काम पहले से ही शुरू हो चुका है। हार्मू नदी पर पुल की मरम्मत से भीड़ प्रवाह में सुधार होगा। अखाड़ों की संख्या में इस बार काफी वृद्धि देखी गई है। रंजी और जमशेदपुर दोनों जगहों पर तैयारियां मजबूत हैं। यातायात के नियमों का पालन सभी वाहन चालकों को करना होगा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल भी शामिल है। शोभा यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। स्थानीय प्रशासन ने भी अपनी भूमिका निभाने का वादा किया है। हमें भी अपनी तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करनी चाहिए। इस तरह की धार्मिक घटनाएं समाज को एकजुट करती हैं। उम्मीद है कि इस बार कोई दुर्घटना नहीं होगी।
Bhoopendra Dandotiya
अप्रैल 1, 2026 AT 22:17आपने बहुत ही विस्तार से बात रखी है। सुरक्षा उपायों पर जोर देना सही है।
Firoz Shaikh
अप्रैल 3, 2026 AT 01:36अखाड़ों की संख्या में वृद्धि एक अच्छी बात है। इससे धार्मिक उत्सव का वातावरण और भी जीवंत होगा।
Uma ML
अप्रैल 4, 2026 AT 11:15सब बस दिखवा है। प्रशासन कभी कुछ सुधरता नहीं है। लोग मर जाते हैं फिर भी कोई जवाबदेह नहीं। सुरक्ष के नाम पर बस दिखावटी काम होता है।
Saileswar Mahakud
अप्रैल 5, 2026 AT 00:24सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
Rakesh Pandey
अप्रैल 6, 2026 AT 00:29सब ठीक हो जाएगा देखते हैं कौन सा नया नियम आता है
aneet dhoka
अप्रैल 7, 2026 AT 02:56इसके पीछे कोई गहरा राज हो सकता है। बिजली कटौती का असली मकसद कुछ और हो सकता है।
Harsh Gujarathi
अप्रैल 8, 2026 AT 11:12यह सुनकर बहुत खुशी हुई 🙏